उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव द्वारा आयोजित एक अनौपचारिक रात्रिभोज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कविता ‘अभी तो सूरज उगा है’ पर आधारित एक संगीतमय प्रस्तुति और ताशकंद में विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा उनकी कविता का पाठ उनकी हाल ही में संपन्न देश की यात्रा के दौरान सुर्खियों में रहा।
अधिकारियों ने बताया कि ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के उज्बेक छात्रों ने प्रधानमंत्री के समक्ष हिंदी और उज्बेक दोनों भाषाओं में कविताओं का पाठ किया।
विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र केल्डियोरोव दिलहुशबेक ने हिंदी में ‘अभी तो सूरज उगा है’ कविता का पाठ किया। इसका उज़्बेक अनुवाद तीसरे वर्ष के छात्र दिलशोदा जुराबोएवा द्वारा पढ़ा गया था।
प्रधानमंत्री मोदी की एक अन्य कविता ‘नए भारत के नए संकल्प’ में एक आत्मविश्वासी और आकांक्षी ‘न्यू इंडिया’ की भावना को दर्शाया गया है। चौथे वर्ष के छात्र ओताबेक अमीरोव ने इसे हिंदी में पढ़ा, जबकि इसका उज़्बेक अनुवाद विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष के छात्र इक्रोमखुजा सादिलेव ने सुनाया।
छात्रों ने पीएम मोदी की एक और रचना ‘मानवता को कहीं ना लग जाए दाग’ का भी पाठ किया, जो मानवता, करुणा और शांति पर केंद्रित है। तीसरे वर्ष के छात्र ओरजू कुलदोशेवा ने इसे हिंदी में पढ़ा, जबकि विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष के छात्र फायोजा अब्दुरासुलोवा ने इसका उज़्बेक अनुवाद सुनाया।
अधिकारियों ने कहा कि कविताओं को दर्शकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।
प्रधानमंत्री 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर थे।

