समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर में आजम खान से मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमे सच्चाई को ज्यादा समय तक कैद नहीं रख सकते. अखिलेश ने दावा किया कि 2027 में PDA की सरकार बनेगी और समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए काम करेगी.
रामपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “आजम थे, आजम हैं, आजम रहेंगे.” अखिलेश ने कहा कि रामपुर से समाजवादी पार्टी का रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है. आरोप लगाया कि आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा.
आजम खान की यूनिवर्सिटी को लेकर क्या बोले अखिलेश?
अखिलेश यादव ने आजम खान की यूनिवर्सिटी और शिक्षा के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार को घेरा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को पढ़ाई-लिखाई और शिक्षा संस्थानों की चिंता नहीं है. अखिलेश ने कहा कि आजम खान ने शिक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर यूनिवर्सिटी बनाने का सपना देखा था. समाजवादी पार्टी इस सपने को पूरा करने के लिए काम करेगी.
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 26 हजार प्राइमरी स्कूल बंद किए गए. अखिलेश ने कहा कि इन स्कूलों में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चे पढ़ते थे. उन्होंने सरकार पर शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया.
ओवैसी की एंट्री पर अखिलेश ने क्या कहा?
रामपुर में असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता और मुस्लिम समुदाय के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवालों पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का सीधा लक्ष्य बीजेपी को हराना है. उन्होंने कहा कि पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इस लक्ष्य के लिए तैयार है.
हालांकि, बातचीत में अखिलेश ने ओवैसी के रामपुर आने को अपनी आजम खान से मुलाकात की वजह नहीं बताया. उन्होंने कहा कि वह पहले भी रामपुर आते रहे हैं और आजम खान के साथ पार्टी का भावनात्मक रिश्ता है.
2027 में कितनी सीटें जीतेगी सपा?
विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान के साथ 403 विधानसभा सीटों को लेकर डिस्कशन हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि सहयोगी दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ा जाएगा.
अखिलेश ने दावा किया कि कई सहयोगी दल बीजेपी का साथ छोड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को छोड़कर गए दलों को भी बीजेपी में सीटें देनी पड़ेंगी. उनके मुताबिक, सपा छोड़कर गए दलों की सीटें जोड़ने पर संख्या करीब 50 तक पहुंचती है. हालांकि, उन्होंने किसी संभावित गठबंधन या सीट बंटवारे का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया.
वोट चोरी के आरोप पर चुनाव आयोग को घेरा
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है. उनके मुताबिक, समाजवादी पार्टी 2022 से ही इस तरह के आरोप लगाती रही है और अब ये बातें सामने आ रही हैं.
उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया. अखिलेश ने कहा कि सच्चाई सामने आने पर संबंधित लोगों को समाज, देश और कानून के सामने जवाब देना पड़ेगा.
बेरोजगारी और महंगाई पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने बेरोजगारी, महंगाई और निवेश के मुद्दे पर भी बीजेपी सरकार को घेरा. उन्होंने निवेश सम्मेलनों के नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के पास बेरोजगारी और महंगाई का जवाब नहीं है. उन्होंने फर्जी एनकाउंटर और झूठे मुकदमों के आरोप भी दोहराए.
अस्पतालों में आवारा पशुओं के घूमने की घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सांड घूम रहे हैं, जबकि लोगों को वहां इलाज मिलना चाहिए.
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 में PDA के जरिए सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए काम करेगी. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार हटने जा रही है, लेकिन चुनाव में पार्टी कितनी सीटें जीतेगी, इस बारे में उन्होंने कोई निश्चित आंकड़ा नहीं दिया.

