कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में लगातार भू-राजनीतिक तनाव के बीच बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 281.09 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,728.16 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 555.5 अंक यानी 0.71 प्रतिशत गिरकर 77,453.75 अंक पर आ गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 78.35 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,287.65 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस, एचसीएल टेक, सन फार्मा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा और आईटीसी के शेयरों में गिरावट रही।
विजेताओं में टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल थे।
ब्रेंट कच्चा तेल 1.11 प्रतिशत बढ़कर 89.50 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ‘अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर लगातार अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में सार्थक प्रगति की अनुपस्थिति के कारण भारतीय शेयर बाजार सोमवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225, शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया में शेयर बाजार छुट्टी की वजह से बंद रहे।
यूरोप के बाजार मिलाजुले रुख पर कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
रिसर्च एनालिस्ट फर्म एचएसटी वेल्थ के फाउंडर और सीईओ हरिसीलवन राधाकृष्णन ने कहा, ‘भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार को लगातार पांचवें सत्र में गिरावट का सिलसिला जारी रखा, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से इंट्राडे लो से रिकवरी के बावजूद निवेशकों की धारणा पर असर पड़ रहा है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 508.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
शुक्रवार को सेंसेक्स 70.71 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,009.25 अंक पर बंद हुआ था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 29.85 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,366 अंक पर बंद हुआ।

