राजस्थान के मंत्री गौतम कुमार डाक के खिलाफ पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर गाली-गलौज करने और सार्वजनिक रूप से धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है।
सहकारिता राज्य मंत्री डाक के खिलाफ गुरुवार को चित्तौड़गढ़ के डुंगला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था, जब एक ऑडियो क्लिप ऑनलाइन प्रसारित हुई थी, जिसमें उन्हें कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को गाली देते हुए दिखाया गया था।
मंत्री ने एक वीडियो बयान जारी कर दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो से उनका कोई संबंध नहीं है।
सरकारी काम में बाधा, आपराधिक धमकी और आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 351 (2) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डुंगला के एसएचओ शैतान सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना सोमवार को तब हुई जब उन्हें मंत्री का फोन आया और उन्हें पुलिस स्टेशन से बाहर जाने के लिए कहा गया।
एसएचओ ने दावा किया कि मंत्री ने उनसे दो कांस्टेबलों विष्णु कुमार और लक्ष्मीनारायण के बारे में पूछा और मांग की कि उन्हें उनके सामने बुलाया जाए।
जब कॉन्स्टेबल आए तो मंत्री ने कथित तौर पर उन्हें गाली देना शुरू कर दिया और जनता के सामने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने हाथ उठाकर उन पर हमला करने का भी प्रयास किया।
एसएचओ ने आरोप लगाया कि डाक ने बड़ी सादड़ी पुलिस स्टेशन से लक्ष्मीनारायण के पहले के तबादले का हवाला देकर पुलिसकर्मियों को धमकाया।
आरोप है कि मंत्री इस बात से नाराज थे कि उनके एक परिचित धनराज को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।

