पंजाब विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भाजपा ने शुक्रवार को शहीद उधम सिंह के 87वें शहादत दिवस को बड़ा राजनीतिक संदेश देने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के सनौर से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए चुनावी वादों का हिसाब मांगा। सैनी ने कहा कि पंजाब की जनता को बताया जाए कि पिछले विधानसभा चुनाव में किए गए 56 वादों में से कितने पूरे हुए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब चुनाव में अब केवल चार महीने बचे हैं, तो क्या बाकी सभी वादे भी इसी दौरान पूरे कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री का पूरा भाषण श्रद्धांजलि से आगे बढ़कर पंजाब की राजनीति पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि केवल नारे लगाने से नहीं, बल्कि नीयत और काम से प्रदेश का विकास होता है।सैनी ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार के कामकाज को भी पंजाब की जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले 217 संकल्प लिए थे। इनमें से 70 संकल्प डेढ़ वर्ष में पूरे कर दिए गए हैं और शेष पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास और विरासत दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं और हरियाणा सरकार भी उसी सोच पर काम कर रही है।
युवाओं के मुद्दे पर भी घेरा
मुख्यमंत्री ने पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार के नाम पर किए गए वादों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सरकार का मूल्यांकन करना है तो उसके नारों से नहीं, बल्कि उसके पूरे किए गए वादों और फैसलों से किया जाना चाहिए। अपने संबोधन में सैनी ने शहीद उधम सिंह के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषियों को सजा देकर देश के स्वाभिमान की रक्षा की। उन्होंने सनौर को राष्ट्रभक्ति की धरती बताते हुए कहा कि जिस तरह उधम सिंह ने वर्षों तक अपने संकल्प को निभाया, उसी तरह यदि पंजाब की जनता भी विकास का संकल्प ले तो राज्य की तस्वीर बदल सकती है।
चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक सक्रियता
राजनीतिक दृष्टि से इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और भाजपा लगातार राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस जैसे भावनात्मक अवसर से विकास, राष्ट्रवाद और चुनावी वादों को जोड़कर भाजपा ने अपना राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया।

