सिरमौर जिले के कफोटा-शिलाई क्षेत्र में तिलोरीधार (बगनाधार) के पास मंगलवार को चूना पत्थर खनन स्थल पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिससे एक स्थानीय चालक और दो श्रमिकों सहित तीन लोगों की मौत हो गई।
लगातार बारिश और मलबे के गिरने से बचाव दलों के लिए अत्यधिक चुनौतियां पैदा हो गई हैं, जबकि क्षेत्र में आगे भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई कि मानसून के दौरान खनन पर सख्त मौसमी प्रतिबंध के बावजूद सक्रिय उत्खनन और विस्फोट जारी रहा, जो संभावित रूप से दुर्घटना में योगदान देता है।
हादसे से इलाके में दहशत फैल गई और प्रशासन ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस, बचाव दल और अन्य कर्मियों को मौके पर भेजा।
यह दुर्घटना उस समय हुई जब खनन कार्य चल रहा था। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया, जिससे मलबे के ढेर और विशाल पत्थर तेजी से नीचे गिर गए।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में दो नेपाली नागरिक और एक स्थानीय निवासी शामिल हैं।
डीसी ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक, राहत एवं बचाव दल को मौके पर भेजा गया।
प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है, जबकि लगातार बारिश टीमों के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर रही है।
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सिरमौर में कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा गिरने की सूचना मिली है। ऐसे में बाणंधर में हुई दुर्घटना एक बार फिर मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के बढ़ते खतरे को उजागर कर रही है। बाणंधर खनन क्षेत्र में बचाव अभियान जारी है, जबकि प्रशासनिक टीमें स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं।

