सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड ने स्वास्थ्य विभाग में एक कथित घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें कर्मचारियों को उनके हकदार वेतन से अधिक वेतन मिलता है। कर्मचारियों ने कथित तौर पर अतिरिक्त पैसे निकालने के लिए ई-सैलरी पोर्टल पर भत्तों में बदलाव किया। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने सीएचसी, शहजादपुर और सिविल अस्पताल, नारायणगढ़ में निरीक्षण के दौरान अनियमितताओं का पता लगाया, जिससे दो एफआईआर और अधिक अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की व्यापक जांच हुई।
कर्मचारियों द्वारा वेतन घोटाला कैसे किया गया
कर्मचारियों ने कथित तौर पर सरकार के ई-सैलरी पोर्टल से छेड़छाड़ की ताकि उन्हें मिलने वाले वेतन से कहीं अधिक वेतन मिल सके। जांचकर्ताओं और जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, कर्मचारियों ने ई-सैलरी पोर्टल पर भत्ते की प्रविष्टियों को बदल दिया और सरकारी खजाने से अधिक भुगतान का दावा किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहजादपुर में क्या हुआ
12 मई को शहजादपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक प्राथमिकी के अनुसार, एमपीएचडब्ल्यू पुरुष जरनैल सिंह ने तत्कालीन एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद के साथ मिलकर 2022-23 और 2023-24 वित्तीय वर्षों के दौरान ई-सैलरी पोर्टल पर भत्तों में बदलाव करके 94 लाख रुपये से अधिक की वसूली की थी। उन्होंने कथित तौर पर सरकारी रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां कीं और राशि का गबन किया। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सीएम फ्लाइंग स्क्वायड द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान जरनैल सिंह कथित तौर पर मौके से फरार हो गया। एसएमओ डॉ. तरुण प्रसाद इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और वर्तमान में छुट्टी पर हैं।
नारायणगढ़ में सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को क्या मिला
शहजादपुर में एफआईआर दर्ज होने के बाद सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड को नारायणगढ़ में भी इसी तरह के घोटाले की जानकारी मिली। शिकायत के बाद फ्लाइंग स्क्वॉड और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने नारायणगढ़ के सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान, अधिकारियों ने उपाधीक्षक सुभाष चंद और वार्ड सेवक मोहन लाल पर ध्यान केंद्रित किया, जो पिछले साल अगस्त में सेवानिवृत्त हुए थे। 15 मई को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, सुभाष चंद की जिम्मेदारी खरीद, चिकित्सा और आकस्मिकता से संबंधित वेतन और अन्य बिल तैयार करने की थी। शहजादपुर में एफआईआर दर्ज होने के दिन कर्मचारी 12 मई से छुट्टी पर पाया गया था।
उपाधीक्षक पर आरोप
उपाधीक्षक अतिरिक्त वेतन प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर भत्तों में जाली प्रविष्टियां करते थे। सुभाष चंद ने कथित तौर पर दो बार एसीपी के बकाये का लाभ भी लिया था। उन्होंने मोहन लाल के विशेष भत्तों और अन्य भत्तों में जाली प्रविष्टियां की थीं। दोनों आरोपियों ने 2023-24 से अतिरिक्त वेतन लेकर सरकारी खजाने को 21 लाख रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया है।
अब तक की गई कार्रवाई
आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ जहां दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। लेखा अधिकारी दोनों स्वास्थ्य सुविधाओं के बिलों और लेनदेन की जांच करेगा और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
कौन-कौन हैं जांच के घेरे में
सीएम फ्लाइंग स्क्वॉड का मानना है कि अधिक कर्मचारियों के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। जांचकर्ताओं ने बताया है कि कुछ अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं, क्योंकि वे नकली प्रविष्टियों का पता लगाने में विफल रहे हैं। आने वाले दिनों में और छापे पड़ने की उम्मीद है। इस मामले ने सरकारी ई-वेतन प्रणाली में जांच की कमी और पोर्टल तक आधिकारिक पहुंच के दुरुपयोग पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

