केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) मामले में रिलायंस समूह की दो कंपनियों रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) सहित सात आरोपियों के खिलाफ मुंबई की एक विशेष अदालत के समक्ष पहला आरोपपत्र दायर किया।
चार्जशीट में आरसीएफएल के पांच पूर्व वरिष्ठ कार्यकारियों- देवांग प्रवीण मोदी (निदेशक और सीईओ), रवींद्र सोमयाजुला राव (निदेशक), धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी (निदेशक), राजेश कृष्णमूर्ति (कार्यकारी जोखिम अधिकारी) और लव चतुर्वेदी (मुख्य जोखिम अधिकारी) को आपराधिक साजिश, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाने के इरादे से धोखाधड़ी के अपराधों के लिए नामजद किया गया है।
आरोपपत्र सीबीआई द्वारा की गई जांच पर आधारित है, जिसमें पता चला है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड द्वारा उधार लिए गए धन को मध्यस्थ और नाली संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों को डायवर्ट किया गया था, जो इस तरह के उधारों को नियंत्रित करने वाले नियमों और शर्तों का उल्लंघन था, जिससे ऋण देने वाले बैंकों को गलत नुकसान हुआ और आरोपी व्यक्तियों और संबंधित संस्थाओं को गलत लाभ हुआ।
गौरतलब है कि सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र और कंसोर्टियम के अन्य पीएसयू बैंकों से मिली शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया था।
कंसोर्टियम के 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने में शामिल अन्य निदेशकों, संस्थाओं और लोक सेवकों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच शुरू रखी गई है।
उचित समय पर पूरक आरोप पत्र दायर किए जाने की संभावना है।
सीबीआई ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व वाइस चार्मन अमिताभ झुनझुनवाला, आरसीएफएल के पूर्व सीईओ देवांग प्रवीण मोदी और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी अमित बापना और देवांग प्रवीण मोदी शामिल हैं, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि अमित बापना सीबीआई की हिरासत में हैं।
सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी से प्राप्त शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की हैं।
सीबीआई ने इससे पहले 29 मई को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ अपना पहला आरोपपत्र दायर किया था।
मौजूदा आरोपपत्र रिलायंस एडीए समूह के मामलों में दायर दूसरी चार्जशीट है।
इन मामलों की जांच की जा रही है और जांच की निगरानी उच्चतम न्यायालय कर रहा है।

