तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के उस कदम की निंदा की, जिसमें कथित धन गबन मामले में छापेमारी के बाद धनशोधन निरोधक कानून के तहत पार्टी के तीन बैंक खातों पर रोक लगा दी गई है।
तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर एक बयान में कहा कि पार्टी के बैंक खातों में रखे गए सभी धन का पूरी तरह और पारदर्शी तरीके से खुलासा किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने चंदे के सभी लेन-देन की सूचना चुनाव आयोग और आयकर विभाग को दे दी है। ये खुलासे ईसीआई की वेबसाइट पर प्रतिवर्ष प्रकाशित किए जाते हैं और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं। चुनावी बॉन्ड से संबंधित विवरण भारत सरकार के पास पहले से ही उपलब्ध हैं, क्योंकि बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जारी किए गए थे और बाद में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने ईडी को ‘राजनीति से प्रेरित कृत्य’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘हम इस मनमाने और अवैध कदम की कड़ी निंदा करते हैं। राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग भाजपा की राजनीति की पहचान बन गया है और यह लोकतांत्रिक संस्थानों और समान अवसर के सिद्धांतों पर एक गंभीर हमले का प्रतिनिधित्व करता है।
ईडी ने टीएमसी के 440 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट पर रोक लगाई
ईडी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 (1 ए) के तहत आदेश जारी किए गए थे, जो एक ईडी अधिकारी को किसी संपत्ति (बैंक जमा की तरह) को फ्रीज करने के लिए अधिकृत करता है, जब ऐसी संपत्ति को जब्त करना व्यावहारिक नहीं है और यह आवश्यक है कि संपत्ति का हस्तांतरण या अन्यथा निपटा नहीं जाए। इस तरह के आदेश की पुष्टि पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण द्वारा एक निश्चित समय अवधि के भीतर की जानी होती है।
ईडी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस केतीन एचडीएफसी बी बैंक खातों में 440.42 करोड़ रुपयेजमा हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कोलकाता में पांच परिसरों पर छापेमारी की, जिनमें केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक निजी जेट और चार्टर किराए पर लेने वाली कंपनी भी शामिल है।
एजेंसी ने कोलकाता पुलिस (बिधाननगर साइबर विंग) द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद यह कार्रवाई की, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कुछ बैंक खातों के माध्यम से बेईमानी से वित्तीय लेन-देन, गैरकानूनी धन संग्रह और संदिग्ध धन को रूट करने के आरोप लगाए गए थे, जिसे हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।

