नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) एनएसई निफ्टी पैसिव इनसाइट रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में पैसिव फंडों के प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) बढ़कर 14.77 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जबकि उद्योग ने 402 करोड़ रुपये का शुद्ध बहिर्वाह दर्ज किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पैसिव इक्विटी फंड उद्योग का मुख्य चालक बने रहे, जिससे महीने के दौरान 9,488 करोड़ रुपये का शुद्ध प्रवाह हुआ। इक्विटी ईटीएफ को 6,692 करोड़ रुपये मिले, जबकि इक्विटी इंडेक्स फंडों में 2,796 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो इक्विटी-आधारित निष्क्रिय उत्पादों के लिए निवेशकों की निरंतर प्राथमिकता को दर्शाता है।
हालांकि, बाजार की अस्थिरता ने समग्र परिसंपत्तियों पर इन प्रवाह के प्रभाव को सीमित कर दिया। इक्विटी ईटीएफ एयूएम मई में घटकर 7.81 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो अप्रैल में 7.85 लाख करोड़ रुपये था।
दूसरी ओर, डेट पैसिव फंडों में 7,037 करोड़ रुपये का शुद्ध बहिर्वाह हुआ। डेट ईटीएफ की ओर से 5,179 करोड़ रुपये की निकासी की गई, जबकि एयूएम अप्रैल में 0.98 लाख करोड़ रुपये से घटकर 0.93 लाख करोड़ रुपये रह गया।
डेट इंडेक्स फंडों ने भी 1,858 करोड़ रुपये की निकासी की सूचना दी। उनका एयूएम पिछले महीने के 0.96 लाख करोड़ रुपये से घटकर 0.95 लाख करोड़ रुपये रह गया।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में बहिर्वाह अल्पकालिक दबाव को दर्शाता है। इसमें कहा गया है कि सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए कर राहत से कर पश्चात रिटर्न में सुधार होने और भविष्य में निवेश को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
कमोडिटी पैसिव फंडों में भी 2,858 करोड़ रुपये का बहिर्वाह हुआ। सिल्वर ईटीएफ में 2,133 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जबकि गोल्ड ईटीएफ में 725 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई। इसके बावजूद ऊंची कीमतों से सिल्वर ईटीएफ के लिए एयूएम को बढ़ाकर 0.86 लाख करोड़ रुपये और गोल्ड ईटीएफ के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये करने में मदद मिली।
मई में निवेशकों के फोलियो मामूली घटकर 5.47 करोड़ रह गए, जो अप्रैल में 5.48 करोड़ थे। वहीं, निष्क्रिय योजनाओं की संख्या 690 से बढ़कर 701 हो गई।
उद्योग ने महीने के दौरान 12 नई निष्क्रिय योजनाएं शुरू कीं, जिनमें छह ईटीएफ और छह इंडेक्स फंड शामिल हैं। इनमें से 10 इक्विटी-आधारित थे। निष्क्रिय योजनाओं की कुल संख्या 368 इंडेक्स फंड और 333 ईटीएफ थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवाह में परिसंपत्ति-वर्ग-विशिष्ट उतार-चढ़ाव के बावजूद, स्थिर एयूएम, नए उत्पाद लॉन्च और निरंतर निवेशक भागीदारी भारत के निवेश परिदृश्य में निष्क्रिय निवेश के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। (एएनआई)
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