भारत ने तथाकथित ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ को सालाना मनाने को लेकर बुधवार को पाकिस्तान पर पलटवार किया और इसे ‘दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार’ करार दिया और कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के भारत के पांच अगस्त, 2019 के फैसले की सातवीं वर्षगांठ पर टिप्पणी जारी की थी।
इस्लामाबाद की आलोचना को खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि संवैधानिक बदलाव भारत का आंतरिक मामला है और इससे क्षेत्र के लोगों के लिए ‘अभूतपूर्व सामाजिक-आर्थिक विकास, सुशासन और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण’ हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान को उन मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है जो भारत के आंतरिक हैं.’ उन्होंने दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ‘हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं, और हमेशा रहेंगे.’
नई दिल्ली ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि वह पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में स्थानीय निकाय चुनावों का इस्तेमाल नागरिक विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई से ध्यान भटकाने के लिए कर रहा है। भारत ने आरोप लगाया था कि अशांति के दौरान पिछले दो महीनों में कम से कम 90 नागरिक मारे गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अपनी आलोचना तेज करते हुए पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अपने मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के लिए अपने निरंतर समर्थन से अंतरराष्ट्रीय ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
जायसवाल ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पीओजेके में शांतिपूर्ण नागरिक अधिकारों के विरोध प्रदर्शनों का घातक बल के साथ जवाब दिया, लक्षित हत्याएं और व्यापक पाबंदियां लगाईं।
भारत ने पाकिस्तान से अपनी सरजमीं से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ ‘विश्वसनीय, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय’ कार्रवाई करने और अपने ‘अवैध एवं जबरन कब्जे’ वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करने का आह्वान किया है।
