रवि किशन आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा में तो उन्होंने अपनी पहचान बनाई ही है, लेकिन OTT की दुनिया के भी अभिनेता किंग बन चुके हैं। मामला लीगल है से लेकर साइको सैया तक अभिनेता ने इंडस्ट्री में अपने लिए एक अलग जगह बना ली है।
बीते दिनों अभिनेता अमेजन प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘अलायंस’ में दिखाई दिए, जहां उन्हें बहुत प्यार मिला। हालांकि, रवि किशन को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा है।
मेकअप सूंघकर क्यों रोते थे रवि किशन?
इंडियन आइडल के डायमंड जुबली यानी 75वें एपिसोड पूरे होने पर शो में खास मेहमान बनकर पहुंचे रवि किशन (Ravi Kishan) ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, “एक समय ऐसा था, जब उनके पास काम नहीं होता था और वह अपनी कार में रखे मेकअप के डिब्बे को सूंघकर रोया करते थे। इस देश में बहुत से लोग मुझे एक कलाकार के रूप में प्यार करते हैं। मेरे प्रशंसक अक्सर मेरे संघर्ष की कहानी सुनना चाहते हैं, लेकिन मैं ज्यादा बताता नहीं हूं।”
अभिनेता ने आगे कहा, “जब मेरे पास काम नहीं होता था, तब मेरी गाड़ी में मेकअप का एक डिब्बा रखा रहता था। मैं दो-तीन महीने तक उस डिब्बे को सूंघकर रोता था और भगवान से पूछता था कि मुझे मेकअप कब लगेगा। मेरे भीतर अभिनय की ऐसी दीवानगी थी कि मैं कभी पैसे, गाड़ी या घर के बारे में नहीं सोचता था। बस यही चाहता था कि मुझे अभिनय करने का मौका मिले।”
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इस सफलता के लिए 43 साल तक किया इंतजार
रवि ने आगे कहा, “यही दीवानगी मुझे मेरी फिल्म लापता लेडीज के साथ ऑस्कर तक ले गई। उसी साल मैंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के कई पुरस्कार भी जीते। इस मंजिल तक पहुंचने में मुझे 43 साल लगे। मैं अपने जूनियर कलाकारों से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि हार मत मानिए। एक दिन सूरज आपके लिए भी जरूर उगेगा।”
आपको बता दें कि रवि किशन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म ‘पीतांबर’ से की थी। इसके बाद उन्होंने आग और चिंगारी, जख्मी दिल, उधार की जिंदगी, लक, तेरे नाम जैसी कई फिल्मों में काम किया, लेकिन जो सफलता उन्हें भोजपुरी सिनेमा में मिली, बॉलीवुड में वह पाने के लिए अभिनेता को एक लंबा इंतजार करना पड़ा। रवि किशन जल्द ही ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में दिखाई देंगे, जो 4 सितंबर को रिलीज होगी।

