भारत ने खाड़ी क्षेत्र में भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे एक व्यापारिक जहाज पर ताजा हमले की खबरों को शनिवार को खारिज करते हुए कहा कि एमटी लियाकी फ्रीडम पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और घटना के बारे में प्रसारित हो रही सूचना झूठी है।
यह स्पष्टीकरण ओमान की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच आया है।
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने जहाज के मास्टर लियाकी फ्रीडम से बात की है, जिन्होंने पुष्टि की है कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और रिपोर्ट की गई जानकारी झूठी है।
विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर ‘झूठे और आधारहीन दावे’ के प्रसार के प्रति भी आगाह किया।
चौथे हमले की खबरें दिन में सामने आई थीं, कुछ मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया था कि ओमान के तट पर मार्शल द्वीप समूह के झंडे वाले टैंकर एमटी लियाकी फ्रीडम के साथ संपर्क टूट गया था। 2007 में निर्मित जहाज, मार्शल द्वीप समूह के झंडे के नीचे नौकायन करने वाला एक रासायनिक और तेल उत्पाद टैंकर है।
खाड़ी में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी को पार करने वाले व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई दिल्ली में बढ़ती चिंता की पृष्ठभूमि में यह इनकार किया गया है।
वाणिज्यिक जहाजरानी पर इस सप्ताह की शुरुआत में हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे, जिसके बाद भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया था।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ सीधे इस मुद्दे को उठाया और कहा कि “नागरिक शिपिंग के खिलाफ घातक कार्रवाई अनुचित थी”।
चालक दल के 20 भारतीय सदस्यों को ले जा रहे एक अन्य जहाज एमटी जलवीर को इस सप्ताह की शुरुआत में ओमान के पास निशाना बनाया गया था, हालांकि उसमें सवार सभी लोगों के सुरक्षित बताया गया था।
इन घटनाओं ने वैश्विक समुद्री उद्योग में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा गलियारों में से एक की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

