दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रयास में शिक्षकों को युक्तिसंगत बनाने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्कूलों में संविदा शिक्षकों की पुनः तैनाती की जाएगी।
एमसीडी के शिक्षा विभाग ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य नगरपालिका स्कूलों में शिक्षकों का अधिक संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है, विशेष रूप से शाहदरा उत्तर और शाहदरा दक्षिण क्षेत्रों में, जहां पिछले कुछ वर्षों में स्टाफिंग में असमानताएं उभरी हैं।
विभाग के अनुसार, कई स्कूल जो कभी संविदा शिक्षकों पर निर्भर थे, उन्हें तब से दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) के माध्यम से भर्ती किए गए स्थायी शिक्षक प्राप्त हुए हैं। हालाँकि, अन्य स्कूलों को शिक्षण स्टाफ की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इस असंतुलन को दूर करने के लिए, लंबे समय से एक ही स्कूल में सेवारत संविदा शिक्षकों को रिक्तियों वाले संस्थानों में स्थानांतरित कर दिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि इस अभ्यास से छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे कम स्टाफ वाले स्कूलों को छात्रों’ की शैक्षणिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने और अधिक अनुकूल शिक्षण वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
विभाग ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में सभी एमसीडी संचालित स्कूलों में समान तैनाती सुनिश्चित करने के लिए स्टाफिंग आवश्यकताओं के आधार पर स्थायी शिक्षकों का इसी प्रकार युक्तिकरण किया जा सकता है।
नगरपालिका स्कूलों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार पर प्रकाश डालते हुए विभाग ने कहा कि इस वर्ष लगभग 1,500 छात्रों को सीएम श्री स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल जैसे संस्थानों में प्रवेश मिला। इसमें इस उपलब्धि को एमसीडी द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार का प्रतिबिंब बताया गया।
शिक्षा विभाग ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में पर्याप्त शिक्षण स्टाफ सुनिश्चित करना तथा उपलब्ध मानव संसाधनों का अनुकूलन करना उसकी प्राथमिकता बनी हुई है, तथा कहा कि युक्तिकरण अभियान नगरपालिका शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

