केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट को खत्म करने का ऐलान कर दिया गया है. सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने घोषणा की है कि पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने और व्यापक परीक्षा सुधारों पर सरकार के साथ सहमति बन गई है.
पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने पर सरकार सहमत
सरकार के साथ सकारात्मक दौर की बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आंदोलन समाप्त करने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संगठन ने NEET परीक्षा की अनियमिताओं से प्रभावित और पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग रखी थी. सरकार ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया है कि नियमों और विनियमों के तहत प्रभावित परिवारों को मानद मुआवजा प्रदान किया जाएगा.
चार हफ्ते बाद फिर होगी बैठक
आशुतोष रांका ने आगे बताया कि संगठन की ओर से सरकार के समक्ष एक पांच सूत्रीय मांग पत्र भी रखा गया है जिसमें देश की परीक्षा प्रणाली और व्यापक शैक्षिक ढांचे में बड़े सुधारों की रूपरेखा तय की गई है.
‘सभी एफआईआर वापस ली जाएं’
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि उनकी दूसरी बड़ी मांग थी कि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं. यह सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों की सरकार वाले सभी राज्यों में लागू होना चाहिए. उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मांग पर भी सहमति जताई है. सरकार ने भरोसा दिया है कि तीन से चार दिनों के भीतर सभी दर्ज एफआईआर की कॉपी संगठन को दे दी जाएगी.
सौरभ दास के मुताबिक, अब तक मिली जानकारी के अनुसार सिर्फ दिल्ली में ही 15 से 20 एफआईआर दर्ज हुई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इन एफआईआर को जल्द वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस संबंध में संगठन ने सरकार को एक लिखित मसौदा भी दिया है. सरकार ने कहा है कि मंगलवार तक वह इस पर लिखित जवाब और गारंटी साझा करेगी. संगठन को उम्मीद है कि मंगलवार तक एफआईआर वापस लेने और भविष्य में कोई कार्रवाई न करने को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन मिल जाएगा.
एक महीने से जारी गतिरोध हुआ समाप्त
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अब प्रदर्शनकारियों द्वारा आंदोलन वापस लेने के इस ऐलान के बाद राजधानी दिल्ली में बीते कई हफ्तों से चला आ रहा राजनीतिक और सामाजिक गतिरोध आखिरकार समाप्त होता दिख रहा है.
