हरियाणा की पूर्व शिक्षा मंत्री और झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के युवाओं की जीत है, लेकिन अकेले पद छोड़ना पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अन्य मांगों को भी स्वीकार करना चाहिए।
शनिवार को झज्जर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए भुक्कल ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और केंद्र सरकार को अंतत: युवाओं की आवाज के आगे झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में अनियमितताओं के कारण देश भर के छात्रों को गंभीर मानसिक परेशानी हुई है और दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप लगभग दो दर्जन छात्रों की आत्महत्या से मौत हो गई, जिसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रदर्शनकारी छात्रों सहित इस मुद्दे पर आवाज उठाने वालों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ अनुचित व्यवहार किया गया।
भुक्कल ने शिक्षा प्रणाली पर स्थगन प्रस्ताव को संसद में स्वीकार करने की मांग की और देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में छात्रों का विश्वास कमजोर हो गया है और उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया दोनों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
