जंतर-मंतर प्रदर्शन: मतदाता सूची विवाद के बीच छात्र समूहों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया Posted on October 2, 2026
टीवी से प्रेरणा लेने से लेकर एशियाई खेलों में रजत पदक तक, आशिमा अहलावत का निशानेबाजी सफर Posted on October 1, 2026
दिल्ली पीडब्ल्यूडी के 23 करोड़ रुपये के रोड टेंडर में ‘अनियमितताओं’ को लेकर आम आदमी पार्टी ने एसीबी का दरवाजा खटखटाया Posted on October 1, 2026
दिल्ली की एक अदालत ने यासीन मलिक और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया है। Posted on October 1, 2026
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को पंजाब के नांगल में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विकास प्रभाकर की हत्या से कथित तौर पर जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी हरविंदर कुमार उर्फ सोनू संयुक्त अरब अमीरात में रहता था और कहा जाता है कि उसने अपराधियों को रसद सहायता और वित्तपोषण प्रदान किया था। उसे एनआईए ने वांछित घोषित कर दिया था। एनआईए ने एक बयान में कहा कि कुमार को कूटनीतिक प्रयासों के बाद गुरुवार को भारत प्रत्यर्पित किया गया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद कुमार को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था। उसे कानूनी कार्यवाही के लिए यहां विशेष एनआईए अदालत में पेश किया गया। यह मामला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सदस्यों द्वारा प्रभाकर की लक्षित हत्या से संबंधित है। एनआईए ने हत्या के संबंध में 9 मई, 2024 को एक मामला दर्ज किया था। इस मामले में अब तक तीन चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। नवीनतम गिरफ्तारी 13 अगस्त को यूएई के एक अन्य आरोपी मनवीर राम को पकड़ने के बाद की गई है। अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियारों की आपूर्ति में कथित तौर पर शामिल मनवीर राम को अमृतसर हवाई अड्डे पर रोका गया। एनआईए की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रभाकर को खत्म करने की साजिश कथित तौर पर जर्मनी स्थित बीकेआई के गुर्गों हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू ने रची थी। बयान में कहा गया है कि जांच में यह भी स्थापित हुआ है कि कुमार ने संयुक्त अरब अमीरात से काम करते हुए विदेशों में स्थित बीकेआई के गुर्गों के लिए एक रसद प्रदाता और फाइनेंसर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसमें कहा गया है कि वह एक भर्तीकर्ता और हैंडलर के रूप में काम करता था, हथियारों की व्यवस्था करता था और प्रभाकर की हत्या में शामिल शूटरों को उनकी डिलीवरी की सुविधा प्रदान करता था। आतंकवाद निरोधक एजेंसी ने कहा कि हरजीत सिंह और कुलबीर सिंह के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कुमार ने साजिश के संबंध में आतंकवाद के लिए धन भी प्राप्त किया और उसे हस्तांतरित किया। एजेंसी ने कहा कि कुमार का प्रत्यर्पण भगोड़ों की भारत वापसी में शामिल विभिन्न एजेंसियों के प्रयासों के कारण किया गया है। Posted on October 1, 2026
उत्तरी दिल्ली में लूटपाट और हत्या के आरोप में चचेरे भाई समेत चार गिरफ्तार Posted on September 30, 2026
दिल्ली में एसआईआर के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश के साथ ही युवा मतदाता कैंपस शिविरों में पहुंचे Posted on September 30, 2026