उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश एहसान मारा गया है. इस सनसनीखेज एनकाउंटर के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसके खौफ का आतंक पूरी तरह खत्म हो गया है. हालांकि यह मुठभेड़ बेहद खतरनाक थी जिसमें बदमाशों की तरफ से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक इंस्पेक्टर और एक हेड कांस्टेबल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं चिलकाना के थाना प्रभारी विनोद कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर दो गोलियां लगीं जिससे उनकी जान बाल-बाल बची. पुलिस ने मृतक बदमाश के पास से हथियार बरामद किए हैं और उसके फरार साथी की तलाश में जुटी है.
बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
यह बड़ा एनकाउंटर 29 मई को सहारनपुर के थाना सरसावा और चिलकाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुआ. दोनों थानों की जॉइंट टीम डोमवाला गांव के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए. पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे बाइक मोड़कर भागने लगे.
SHO की जैकेट में धंसी दो गोलियां
बदमाशों का दुस्साहस इस एनकाउंटर में साफ देखने को मिला. बदमाशों की गोलियों से सरसावा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवेश शर्मा के हाथ में गोली लगी और वे घायल हो गए. इसके साथ ही हेड कांस्टेबल सोनू भी गोली लगने से जख्मी हुए हैं. घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है. इस दौरान बदमाशों ने चिलकाना थाना प्रभारी (SHO) विनोद कुमार को निशाना बनाकर भी दो गोलियां दागीं जो सीधे उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट में जा लगीं. जैकेट की वजह से SHO विनोद बाल-बाल बच गए.
कौन था एहसान?
एनकाउंटर में मारा गया बदमाश एहसान इलाके में आतंक का पर्याय बना हुआ था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसकी क्राइम कुंडली बेहद खौफनाक थी. एहसान सहारनपुर के नकुर थाने का हिस्ट्रीशीटर था और जिले के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल था. शातिर अपराधी एहसान के खिलाफ लूट, डकैती, और रंगदारी (जबरन वसूली) जैसे लगभग 13 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. हाल ही में बेहट क्षेत्र में हुई एक बड़ी डकैती की वारदात के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था जिसके चलते पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.

