उत्तर प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है. राज्य के कई जिलों में आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. इस आपदा में पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति ठप होने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर जान-माल का भी नुकसान हुआ है. मौसम के इस भीषण कहर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत पूरे मामले का संज्ञान लिया है. सीएम योगी ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और प्रशासनिक अधिकारियों को राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को मदद के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
पीड़ितों के बीच सीधे पहुंचेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर उतरने का आदेश दिया है. सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि अधिकारी केवल दफ्तरों की कुर्सियों पर बैठकर कागजी रिपोर्ट तैयार न करें, बल्कि खुद प्रभावित इलाकों का दौरा करें. वे जमीनी स्तर पर जाकर पीड़ित लोगों से सीधे बातचीत करें, उनकी समस्याओं को समझें और यह सुनिश्चित करें कि हर जरूरतमंद और प्रभावित परिवार तक समय रहते सरकारी मदद अनिवार्य रूप से पहुंच जाए.
24 घंटे के भीतर मिलेगा मुआवजा
सरकार की ओर से प्रशासनिक टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि आंधी-तूफान और बिजली गिरने से हुए नुकसान का आकलन तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए. सीएम योगी ने आदेश दिया है कि जिन भी इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा है, मकान ढहे हैं या पशुधन की हानि हुई है, वहां फौरन सर्वे कराया जाए. इस पूरी प्रक्रिया के बाद प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर तय मुआवजा राशि उपलब्ध करा दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि राहत और मुआवजा राशि के वितरण में किसी भी तरह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान
इस बेमौसम आंधी और भारी बारिश की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक नुकसान की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कई जगहों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से यातायात और विद्युत व्यवस्था पूरी तरह खराब हो गई है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर अपनी नजर बनाए हुए हैं. सरकार की तरफ से लोगों को हर मुमकिन सहायता देने का भरोसा दिया गया है. इसके साथ ही, मौसम के खराब रुख और आकाशीय बिजली गिरने के बढ़ते खतरों को देखते हुए आम जनता से भी पूरी तरह सतर्क और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है.
