अगर आप नौकरी छोड़कर खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, लेकिन पूंजी की कमी आपको रोक रही है, तो उत्तर प्रदेश कुकुट पालन कर्ज योजना आपके लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है. राज्य सरकार की इस योजना के जरिए युवाओं, किसानों और पशुपालकों को पोल्ट्री फार्म यानी मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. योजना का मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, लोगों की आय बढ़ाना और प्रदेश में अंडा उत्पादन को मजबूत करना है. इस योजना का लाभ लेकर कई लोग अब गांव में ही रोजगार पा रहे हैं और परिवार के साथ रहकर अच्छी कमाई कर रहे हैं.
क्या है उत्तर प्रदेश कुकुट पालन कर्ज योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू कुकुट विकास नीति के तहत यह योजना चलाई जा रही है. इसमें इच्छुक लोग 10 हजार या उससे अधिक क्षमता वाले पोल्ट्री फार्म स्थापित कर सकते हैं. जानकारी के अनुसार, 10 हजार मुर्गियों के फार्म को स्थापित करने में लगभग 99.53 लाख रुपये का खर्च आता है. इसमें से करीब 70 लाख रुपये तक का बैंक लोन उपलब्ध कराया जाता है, जबकि शेष राशि लाभार्थी को स्वयं निवेश करनी होती है.

