देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अक्टूबर तक 2.69 अरब डॉलर घटकर 717.06 अरब डॉलर रह गया

नयी दिल्ली, छह नवंबर (भाषा) देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 2.691 अरब डॉलर घटकर 717.056 अरब डॉलर रह गया।

यह गिरावट मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और स्वर्ण भंडार में गिरावट से प्रेरित थी, जो एक साथ देश की विदेशी मुद्रा होल्डिंग्स का बड़ा हिस्सा है।

विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा आसंपत्तियां सप्ताह के दौरान 2.088 अरब डॉलर घटकर 591.118 अरब डॉलर रह गईं। स्वर्ण भंडार 55.9 करोड़ डॉलर घटकर 102.591 अरब डॉलर रह गया।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा आवंटित आरक्षित संपत्ति विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) भी 4.7 करोड़ डॉलर घटकर 18.558 अरब डॉलर रह गई।

हालांकि, समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान आईएमएफ में भारत का आरक्षित भंडार 30 लाख डॉलर बढ़कर 4.790 अरब डॉलर हो गया।

रुपये के संदर्भ में 30 अक्टूबर को कुल विदेशी मुद्रा भंडार 68.09 लाख करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले सप्ताह के मुकाबले 24,777 करोड़ रुपये कम है।

साप्ताहिक गिरावट के बावजूद, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च 2026 के अंत में उनके स्तर से अधिक रहा। मार्च के अंत के मुकाबले विदेशी मुद्रा भंडार में 25.949 अरब डॉलर की वृद्धि हुई जबकि रुपये के लिहाज से यह बढ़कर 2.55 लाख करोड़ रुपये हो गया।

सालाना आधार पर देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 27.324 अरब डॉलर या 6.86 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले एक साल की तुलना में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में समग्र वृद्धि का संकेत देता है।

विदेशी मुद्रा आस्तियों में सालाना 26.527 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि स्वर्ण भंडार में 86.5 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई। हालांकि, इसी अवधि में एसडीआर होल्डिंग में 87 मिलियन डॉलर की गिरावट आई, जबकि आईएमएफ में आरक्षित मुद्रा में 18 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई।

साप्ताहिक संकुचन तब भी आता है जब समग्र आरक्षित स्थिति मार्च के अंत और साल पहले के स्तर से ऊपर बनी हुई है।

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