सीईसी विरोधी प्रदर्शनों पर राहुल गांधी को दिया राजनाथ सिंह, राजनाथ सिंह ने कहा, ‘लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं है’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ समानांतर विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर तीखा हमला बोला और उन पर सत्ता परिवर्तन के लिए देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर व्यवधान की राजनीति करने का आरोप लगाया और उनसे लोगों के जनादेश का सम्मान करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ”ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण के विचारों में लगाने के बजाय सीधे और अपने सहयोगी संगठनों के माध्यम से इसे राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के साधन में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

सिंह ने बांग्लादेश पर आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की हालिया टिप्पणी की ओर भी इशारा करते हुए इंडिया ब्लॉक और सीजेपी पर शासन परिवर्तन और लोकतांत्रिक संस्थानों को नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘इससे यह स्पष्ट होता है कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थानों को खत्म करना और देश में आग लगाना है।

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‘कानून व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए’

रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रही है और इसे ‘अक्षम्य अपराध’ करार दिया। उन्होंने 1975 के आपातकाल के दौरान ‘लोकतंत्र को सलाखों के पीछे रखने’ और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों के नरसंहार जैसे कांग्रेस के अपने इतिहास की ओर भी इशारा किया।

एक नजर में
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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

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    सिंह ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और राहुल गांधी से लोगों के जनादेश का सम्मान करने का आग्रह किया।

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    सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को मोहरे के रूप में इस्तेमाल कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थानों को खत्म करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘मैं कहना चाहूंगा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थानों की विश्वसनीयता को कमजोर करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। मेरा मानना है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा कल की गई टिप्पणी भी इसी दिशा में इंगित करती है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करना आवश्यक है। भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक स्वार्थ की वेदी पर बलिदान नहीं किया जा सकता है।

राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1993 में चुनाव आयोग में रातोंरात अचानक बदलाव करके चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया था और तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की ओर से राष्ट्रपति से की गई शिकायत के बावजूद चुनाव आयुक्त नवीन चावला को अभियोजन से बचाया था।

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