कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
मुंबई प्रेस क्लब में बातचीत में दीपके ने कहा कि सीजेपी सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को शहर के दादर इलाके के शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक कुमार चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख के पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, ‘गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में विरोध प्रदर्शन होंगे। अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो अक्टूबर के अंत से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
दीपके ने यह भी मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्ति पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए और इसमें नागरिक समाज की भागीदारी होनी चाहिए।
उन्होंने 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने का आह्वान करते हुए कहा कि इसमें आगे छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
कई विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आलोचना की है और उनके इस्तीफे की मांग की है, क्योंकि यह पता चला है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में कम से कम 14 मौकों पर फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज की थीं, जिनमें से कुछ को उनकी जानकारी के बिना जारी किया गया था।
निर्वाचन आयोग ने एक बयान में स्पष्ट किया है कि तीन सदस्यीय आयोग ने सर्वसम्मति से निर्णय लिए, जिनमें मतदाता सूची के एसआईआर से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और शिवसेना (यूबीटी) 4 अक्टूबर को मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालेंगे।

