सूत्रों ने बताया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में विशेष हवाई सुरक्षा उपाय लागू होंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस अवधि के दौरान राष्ट्रीय राजधानी के 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी हवाई अड्डों पर गैर-अनुसूचित उड़ानों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। टेक-ऑफ और लैंडिंग की अनुमति केवल अनुसूचित वाणिज्यिक उड़ानों, ब्रिक्स गणमान्य व्यक्तियों को ले जाने वाली अनुमोदित विशेष उड़ानों, चुनिंदा भारतीय वायुसेना, बीएसएफ और विमानन अनुसंधान केंद्र के विमानों, आपातकालीन या चिकित्सा निकासी मिशनों में भाग लेने वाले सेना के हेलीकॉप्टरों और राज्यपालों या मुख्यमंत्रियों को ले जाने वाले राज्य के विमानों के लिए ही होगी।
अनुसूचित उड़ानें और ओवरफ्लाइंग विमान सामान्य मार्गों का उपयोग करना जारी रखेंगे लेकिन उन्हें ऊंचाई प्रतिबंधों का पालन करना होगा। प्रस्थान करने वाले विमान को दिल्ली से 200 किमी दूर होने तक FL290 तक पहुंचना होगा, जबकि आने वाले विमान 200 किमी के बिंदु पर पहुंचने के बाद ही FL290 से उतरना शुरू कर सकते हैं।
सफदरजंग हवाई अड्डा भारतीय वायुसेना, बीएसएफ और एनएसजी हेलीकॉप्टरों के संचालन को छोड़कर बंद रहेगा। रोहिणी हेलीपैड पूरी तरह से बंद रहेगा। अन्य उड़ानों के लिए गृह मंत्रालय से पूर्व सुरक्षा मंजूरी की आवश्यकता होगी।

