चंडीगढ़ एमसी हाउस मीट: विपक्षी पार्षदों ने हाल ही में हुई बारिश के दौरान जलभराव का मुद्दा उठाया

चंडीगढ़ नगर निगम के जनरल हाउस की बैठक में गुरुवार को अंतिम बैठक में जल्दबाजी में टेबल एजेंडा पारित किए जाने को लेकर काफी ड्रामा देखने को मिला।

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही महापौर सौरभ जोशी ने घोषणा की कि सभी एजेंडे वापस ले लिए गए हैं और उन्हें विस्तृत विचार-विमर्श के लिए सदन की अगली बैठक में रखा जाएगा।

इसके बाद आप और कांग्रेस के पार्षदों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की।

पार्षदों ने हाल ही में हुई बारिश के दौरान शहर में खराब जल निकासी व्यवस्था और जलभराव का मुद्दा भी उठाया।

इससे पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने जलभराव के मुद्दे को लेकर नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

हाथों में तख्तियां और प्रतीकात्मक नौकाएं लिए आप सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासित नगर निगम हाल की बारिश के दौरान जलभराव से निपटने में विफल रही है।

नगर निगम की 31 जुलाई को हुई बैठक में नगर निगम के जनरल हाउस द्वारा 250 करोड़ रुपये से अधिक के कुल 16 टेबल डेवलपमेंट एजेंडा को आनन-फानन में पारित किया गया।

विपक्षी पार्षदों के अलावा कई भाजपा पार्षदों ने भी बिना चर्चा के एजेंडा पारित करने के तरीके का विरोध किया।

पार्षदों ने आरोप लगाया कि 227 करोड़ रुपये की जलापूर्ति परियोजना को परियोजना का कोई विवरण दिए बिना पारित कर दिया गया।

हालांकि, मेयर ने विपक्षी पार्षदों को सदन की बैठक को बाधित करने का आरोप लगाया और आरोप लगाया कि वे विकास को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बैठकों के दौरान विपक्षी पार्षद अनुपस्थित रहे और बाद में जल्दबाजी में एजेंडा पारित करने का मुद्दा उठाया।

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