बठिंडा से शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने शनिवार को कहा कि उनके पति शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हमला उनकी आवाज को कभी नहीं दबाएगा।
लुधियाना के पास इसरू में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए हरसिमरत ने कहा कि पंथ और पंजाब को बचाने के लिए यह अकालियों की लड़ाई थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के हमलों से सुखबीर या अकाली कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं होगा।
उन्होंने कहा, ‘मुझे गुरु साहिब पर पूरा भरोसा है। जहां से वह आशीर्वाद लेकर वापस आए थे, सुखबीर और भी मजबूती से लौटेंगे। यह पंजाब की लड़ाई है और सुखबीर को ऐसे कई हमलों का सामना करना पड़ सकता है।
हरसिमरत ने कहा कि अस्पताल से भी सुखबीर ने उसे इसरू कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भेजा था। उन्होंने कहा, “यह सुखबीर का समर्पण था।
आस्था का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “जब गुरु साहिब ने दो बार उनकी जान बचाई है, तो कोई भी उन्हें कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने गुरबानी की पंक्ति का पाठ किया: “हा तू मेरे वल है, तन क्या मुखाबेला”।
उल्लेखनीय है कि हर साल स्वतंत्रता दिवस पर इसरू में राज्य स्तरीय राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के बड़े लोग शामिल होते हैं।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता महेशिंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अकाली नेताओं को बार-बार निशाना बनाया गया है- गुरचरण सिंह टोहरा और संत हरचंद सिंह लोंगोवाल से लेकर जत्थेदार कृपाल सिंह और अब सुखबीर बादल तक- लेकिन शांति विरोधी ताकतें हर बार अपने प्रयासों में विफल रही हैं।

