दीपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने जल जीवन मिशन 2.0 की बैठक के दौरान सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि हरियाणा को उसके हिस्से का पानी मिले।
बैठक के दौरान हुड्डा के साथ सांसद जय प्रकाश, वरुण चौधरी, सतपाल ब्रह्मचारी और करमवीर बौद्ध भी मौजूद थे।
हुड्डा ने पाटिल को लिखे पत्र में कहा कि 2002 और 2004 में उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बावजूद एसवाईएल नहर का निर्माण रुका हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को यथास्थिति का लाभ मिल रहा है, जबकि हरियाणा में किसान पानी की कमी का सामना कर रहे हैं।
जनवरी 2026 में हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक भी बिना किसी परिणाम के संपन्न हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि इस राजनीतिक गतिरोध को केवल राज्य स्तरीय वार्ता के माध्यम से हल नहीं किया जा सकता है, केंद्र द्वारा सख्त निगरानी आवश्यक है।
कांग्रेस सांसदों ने जल शक्ति मंत्रालय से एसवाईएल नहर के मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह करते हुए कहा कि अधिकारियों के बीच केवल बातचीत और नियमित बैठकें अपर्याप्त हैं।
