पंजाब विधानसभा: बेअदबी कानून को लेकर आप को घेरने के लिए एकजुट हुए कांग्रेस-अकाली विधायक

कांग्रेस और अकाली दल की दो विधायकों गनीव कौर और मनप्रीत अयाली ने राज्य के बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन पेश करने में विफल रहने के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा।

शून्यकाल में अराजकता तब मच गई जब शिरोमणि अकाली दल की विधायक गनीव कौर ने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ने श्री जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026 में संशोधन पेश करने में विफल रहकर अकाल तख्त के अधिकार को चुनौती दी है।

आक्रामक रुख अपनाते हुए अकाली दल के विधायक ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर अकाल तख्त के जत्थेदार के समक्ष किए गए वादे को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

जब उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सदन में सभा एक ‘संगत’ के समान है।

उन्होंने कहा कि यह ‘संगत’ नहीं है बल्कि विधायकों और मंत्रियों का जमावड़ा है।

कुछ ही मिनटों में विपक्षी विधायक ‘पंथ दोखी सरकार’ का नारा लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गए।

विपक्ष का मुकाबला करने के लिए आप विधायकों ने कांग्रेस और शिअद के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और उन्हें ‘पंथ दोखी’ करार दिया।

अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आठ मिनट के लिए स्थगित कर दी और फिर से शुरू होने के बाद 15 मिनट के भीतर शून्यकाल अचानक समाप्त कर दिया, हालांकि यह एक घंटे तक चलने वाला है।

हस्तक्षेप करते हुए संधवान ने कहा, “आपको पंथिक परंपराओं का सही ज्ञान नहीं है। किसी में भी अकाल तख्त को चुनौती देने की हिम्मत नहीं है।

इस मौके पर कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिअद विधायक को संबोधित करते हुए कहा, ‘अकाल तख्त को आपके रिश्तेदारों बादल परिवार ने चुनौती दी थी।

वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने स्पष्ट किया कि अकाल तख्त सर्वोच्च है और सरकार बेअदबी विरोधी कानून में बदलाव के संबंध में जत्थेदार के निर्देशों का पालन कर रही है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पंथ के हितों के खिलाफ काम करने के लिए अकाल तख्त ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की ‘फख्र-ए-कौम’ की उपाधि रद्द कर दी थी।

सदन में गूंज रही ईडी की छापेमारी

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने शून्यकाल के दौरान पीएसआईईसी औद्योगिक भूखंड घोटाले का मुद्दा उठाया और पंजाब सरकार से जवाब मांगा।

बाजवा ने 11 स्थानों पर ईडी के छापे का हवाला दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की, जिनके नाम ईडी की जांच के दौरान सामने आए थे।

बाजवा ने मोहाली की एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें एक ऊंचे फ्लैट से नकदी के बैग हवा में फेंके गए थे।

शिअद ने गनीवे की टिप्पणी को हटाने की निंदा की

Ganieve Kaur

गनीव कौर

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने बुधवार को मजीठा विधायक गनीव कौर की टिप्पणी को हटाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा की निंदा की।

शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह चौंकाने वाला है कि विधानसभा अध्यक्ष ने चीमा के इशारे पर टिप्पणी को हटा दिया।

उन्होंने कहा कि मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों से केवल यह पूछा था कि वे अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गर्गज की मौजूदगी में बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन के अपने वादे से क्यों मुकर गए।

उन्होंने एक सीधा सा सवाल भी पूछा कि अध्यक्ष अकाल तख्त के निर्देशों की अवहेलना करने के लिए ‘संगत’ शब्द के अर्थ को तोड़-मरोड़ कर क्यों रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपनी गलती का एहसास होने के बजाय विधानसभा अध्यक्ष ने शिअद विधायक की आवाज को दबाने का फैसला किया, जबकि आप विधायकों ने सदन के बीचोंबीच उन्हें घेर लिया और उनके साथ छेड़छाड़ की।

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