कैथल पुलिस ने फराल गांव में मादक पदार्थों की तस्करी में कथित रूप से शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। सिरसा शाखा नहर पुल के पास गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को पुलिस के साथ कथित गोलीबारी के दौरान एक आरोपी के पैर में चोट लग गई, जबकि शेष चार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स सेल को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक समूह नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने के लिए फराल गांव में आया है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर जय भगवान के नेतृत्व में एक टीम ने गुरुवार शाम करीब 7 बजे गांव के पास नाका लगाया।
जब पुलिस ने एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया, तो उसमें सवार लोगों ने कथित तौर पर भागने के प्रयास में एक पुलिस वाहन को टक्कर मार दी। हालांकि, पास के खेतों में घुसने के बाद कार में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद उसमें सवार तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कैथल जिले के बड़सीकरी कला गांव के अमित, जींद जिले के खेरी मसनिया गांव के दीपक और कैथल जिले के माटोर गांव के विशार के रूप में हुई है। कैथल पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बाद में आरोपियों का पीछा करने के बाद पुलिस ने माटोर गांव के एक अन्य निवासी गुरदीप को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुशील प्रकाश ने मौके पर पहुंचकर वाहन की तलाशी ली। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कार से 48.35 ग्राम हेरोइन बरामद की है।
पांचवें आरोपी की तलाश जारी है। रात करीब 11 बजे माटोर गांव के रहने वाले संदीप को फराल इलाके में सिरसा ब्रांच कैनाल पुल के पास देखा गया।
प्रवक्ता के अनुसार, जब उपनिरीक्षक प्रदीप के नेतृत्व में एक टीम ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, तो उसने भागने की कोशिश करते हुए कथित तौर पर गोली चला दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और संदीप के बाएं पैर में गोली लग गई।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य गोली सब-इंस्पेक्टर प्रदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी और वह बाल-बाल बच गए।
घायल आरोपी को गिरफ्तार कर जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस उपाधीक्षक रमेश चंद्रा ने बताया कि पुंदरी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है, जबकि आगे की जांच जारी है।

