हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बुधवार को राजनीतिक नेताओं से व्यक्तिगत टिप्पणी से बचने का आग्रह किया। वह भाजपा सांसद कंगना रनौत की ‘गटर छाप जेनरेशन’ वाली टिप्पणी के बारे में मीडियाकर्मियों के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘बयान धैर्य के साथ दिए जाने चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणियों से बचना चाहिए। राणा ने पंचायत भवन में जिला लोक शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा, “यह उन परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है जिनमें बयान दिया गया है, लेकिन इस तरह की टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। बैठक के दौरान तेरह शिकायतों पर सुनवाई की गई। उन्होंने सात शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया और शेष छह मामलों में नए सिरे से जांच के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर शिकायतकर्ता को सुनना और सभी पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना है।
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ किसानों के विरोध प्रदर्शन पर राणा ने कहा कि किसान अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा, ‘किसान अपने मालिक हैं। उनकी यूनियनें तय करती हैं कि विरोध प्रदर्शन में भाग लेना है या नहीं।
लोकसभा में बुधवार को पारित और कड़ी सजा का प्रस्ताव करने वाले लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर एक सवाल का जवाब देते हुए राणा ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा छात्रों के भविष्य से जुड़ा हुआ है और केंद्र द्वारा इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘कई सरकारों ने पेपर लीक की घटनाएं देखी हैं, लेकिन अगर कोई स्थायी समाधान ढूंढ सकता है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुवार को जिले के कुटेल में चिकित्सा विश्वविद्यालय में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 77वें वन महोत्सव में भाग लेंगे।