राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत लगातार गर्म होती जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे और वहां दिए गए बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए कई सवाल उठाए हैं. अखिलेश ने मुख्यमंत्री के भाषण, एसआईटी की जांच और अयोध्या दौरे के समय को लेकर सवाल खड़े किए हैं. वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है, इसलिए बिना तथ्यों के किसी भी तरह की बयानबाजी नहीं होनी चाहिए.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पूछे कई सवाल
अखिलेश यादव ने 19 जून को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘आज के भाषण में बयान कम, धमकी अधिक क्यों थी? आज का कार्यक्रम अचानक बना था या जिस दिन SIT बनी थी, उस दिन? सूत्र ये क्यों कह रहे हैं कि स्थानीय भाजपाई विधायकों और पदाधिकारियों के कहने पर ये कार्यक्रम अचानक तय किया गया, जिससे कि भाजपा की राजनीति ज़मीन बचाई जा सके. भौतिक रूप से भ्रमण कर, उस SIT के काम को प्रभावित करने की कोशिश न की जाए, जो पहले से ही विवादास्पद सदस्यों और कलंकित छवि के कारण शंकाओं के घेरे में है.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘आज वहाँ चेहरा उतरा हुआ क्यों था? आवाज़ को तो जानबूझकर ऊँची करने का प्रयास पूरा था लेकिन आत्मविश्वास शून्य क्यों था? इस बार अपने ख़ास लोगों से मिले क्यों नहीं? जनता कह रही है ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ नहीं ‘सोने का सोना, चाँदी की चाँदी’ करें. चढ़ाए गये पैसों, अनमोल शिलाओं के अलावा बहुमूल्य धातुओं और जेवरों का भी हिसाब देना ही पड़ेगा.’
अयोध्या दौरे में सीएम योगी ने दिया था यह बयान
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या पहुंचे थे, जहां उन्होंने रुदौली विधानसभा क्षेत्र में ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सबको अपनी जिम्मेदारी का दायित्व निभाना होगा. जिम्मेदारी का दायित्व निभायेंगे तभी विकास होगा. सपा जय श्री राम कहने पर गोली चलवाती थी. हमने ट्रस्ट की मांग पर SIT बनवाई. जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा. हां, अगर… किसी के पास कोई सुबूत हो तो SIT को दे. लेकिन बयानबाजी से अयोध्या का अपमान न करे. जनता अपमान करने वालों से सावधान रहे.’
जांच और राजनीति दोनों पर बनी हुई है नजर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है. इसी बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. एक ओर विपक्ष जांच प्रक्रिया और सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर राज्य सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में अब सभी की नजर एसआईटी की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
