भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने सोमवार को हिसार विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन अभियान शुरू किया।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और एसडीएम ज्योति मित्तल ने कहा कि सभी बीएलओ ने अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है और मतदाता सत्यापन शुरू कर दिया है। इस कवायद का उद्देश्य संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।
हिसार विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में 1,86,415 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 97,497 पुरुष, 88,913 महिलाएं और पांच थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इनमें से 1,02,651 मतदाताओं की पहले ही मैपिंग की जा चुकी है, जबकि शेष 83,764 मतदाताओं का सत्यापन और मैपिंग महीने भर चलने वाले अभियान के दौरान किया जाएगा।
मित्तल ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा में सुधार के लिए निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में हिसार में 162 मतदान केंद्र हैं। हालांकि, 24 नए मतदान केंद्र जोड़े जाएंगे, जिससे कुल संख्या 186 हो जाएगी। नए मतदान केंद्रों की योजना उन क्षेत्रों में बनाई जा रही है जहां मतदाताओं की संख्या प्रति बूथ 1,200 से अधिक है।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए क्वालीफाइंग तिथि 1 जुलाई तय की गई है। मतदान केंद्रों को युक्तिसंगत बनाने का काम 14 जुलाई तक पूरा हो जाएगा, जबकि मतदाता सूची का मसौदा 21 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा।
ड्राफ्ट लिस्ट के प्रकाशन के बाद 21 जुलाई से 20 अगस्त तक दावे और आपत्तियां जमा की जा सकती हैं। सभी आपत्तियों और सुधारों को 18 सितंबर तक संबोधित किया जाएगा।
मित्तल ने कहा कि निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटि मुक्त मतदाता सूची तैयार करने के लिए राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तर के एजेंटों (बीएलए) का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को अशुद्धियों को दूर करके और यह सुनिश्चित करके लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया कि सभी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल हैं।
उन्होंने सभी बीएलओ को सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सौंपे गए कार्यों को पूरा करने का भी निर्देश दिया।